Friday, 15 June 2018

पेशावर के आर्मी स्कूल का हमलावर फजलुल्ला मारा गया, 50 लाख डॉलर का था इनाम

वाशिंगटन : अफगानिस्तान के पूर्वी कुनार प्रांत में अमेरिका के ड्रोन विमान हमले में पाकिस्तानी तालिबान का प्रमुख मौलाना फजलुल्ला मारा गया है. अफगानिस्तानी रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने इस बात की पुष्टि की. अमेरिका ने फजलुल्ला को एक वैश्विक आतंकवादी घोषित कर रखा था. उसके सिर पर 50 लाख डॉलर का इनाम था.

अमेरिकी सेना ने कहा कि उसने अफगानिस्तान में एक बड़े आतंकवादी को निशाना बना कर हमला किया. हालांकि, उसने आतंकवादी की पहचान नहीं बताई थी. लेफ्टिनेंट कर्नल मार्टिन ओ डोन्नेल ने एक बयान में कहा कि अमेरिकी सैनिकों ने अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा के निकट कुनार प्रांत में 13 जून को आतंकवाद विरोधी एक अभियान चलाया, जिसमें एक आतंकवादी संगठन के प्रमुख को निशाना बनाया गया.

अफगान रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद रदमानिश ने सीएनएन से इस बात की पुष्टि की कि फजलुल्ला हमले में मारा गया. पाकिस्तानी अखबार ‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ ने सूत्रों के हवाले से बताया कि दंगम जिले के नुर गुल काले गांव में हुए ड्रोन हमले में फजलुल्ला और तहरीक-ए-तालिबान (टीटीपी) के चार अन्य कमांडर मारे गए. रिपोर्टों में कहा गया है कि जब अमेरिकी ड्रोन ने हमला किया तो फजलुल्ला और उसके कमांडर इफ्तार कर रहे थे. हालांकि, टीटीपी ने ड्रोन हमले में अपने प्रमुख की मौत हो जाने की पुष्टि नहीं की है.

अमेरिका ने कहा कि फजलुल्ला ने 2012 में मलाला यूसुफजई की हत्या का भी फरमान दिया था. अमेरिका ने यह हमला उस वक्त किया है, जब अफगान तालिबान और अफगान सुरक्षा बलों के बीच रमजान के खत्म होने तक संघर्षविराम को लेकर सहमति बनी हुई है.

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Thursday, 14 June 2018

अमेरिका के बाद इस ताकतवर मुल्क ने दिया किम जोंग को अपने देश आने का न्योता

मास्को: राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार (14 जून) को उत्तर कोरिया के एक वरिष्ठ अधिकारी के जरिए किम जोंग उन को रूस आने का न्यौता दिया. इसके साथ ही पुतिन ने सिंगापुर में डोनाल्ड ट्रंप के साथ किम जोंग की हुई बैठक को भी सराहा. पुतिन ने उत्तर कोरिया के शीर्ष अधिकारी और राज्य के सेरेमोनियल हेड किम योंग नाम की अगवानी करते हुए कहा, 'इसमें कोई शक नहीं कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ किम जोंग की सिंगापुर वार्ता कोरियाई प्रायद्वीप के साथ ही दुनिया पर छाए परमाणु हमले को सुलझाने की दिशा में बढ़ाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है.'

पुतिन ने कहा, 'नकारात्मक विचारों को एक तरफ रखकर किये गए इस मुलाकात (सिंगापुर वार्ता) के लिए शुक्रिया.' इसके साथ ही उन्होंने कहा, 'निश्चित तौर पर इस मुलाकात के बाद आगे का रास्ता आसान हुआ है और कोरियाई प्रायद्वीप पर मंडरा रहे संकट में कमी आई है.'

12 जून को सिंगापुर में डोनाल्ड ट्रंप और किम जोंग उन के बीच ऐतिहासिक वार्ता हुई थी. यह एक अप्रत्याशित मुलाकात थी, जहां दुनिया के सबसे शक्तिशाली और पुराने लोकतंत्र के नेता को तानाशाही साम्राज्य की तीसरी पीढ़ी के नेता से हाथ मिलाते देखा गया. इस मुलाकात के बाद दोनों नेताओं के बीच हुई वार्ता में कोरियाई प्रायद्वीय को पूरी तरह से परमाणु हथियारों से मुक्त करने की दिशा में बढ़ने पर सहमति बनी थी, लेकिन इस समझौते में इस बात का ब्योरा नहीं दिया गया है कि उत्तर कोरिया कब और कैसे अपने हथियार छोड़ेगा, यही वजह है कि इस समझौते की आलोचना भी हो रही है.

मई माह में रूस के विदेश मंत्री सर्जेई लावरोव ने उत्तर कोरिया जाकर किम जोंग से मुलाकात की थी और ऐसा करने वाले वे पहले रूसी अधिकारी थे. उत्तर कोरिया और रूस दोनों ही मुल्क आपस में एक संक्षिप्त सीमाई भूमि साझा करते हैं और इनके बीच संधियों-समझौतों का एक लंबा इतिहास है.

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Wednesday, 13 June 2018

सिंगापुर में मीटिंग के बाद अमेरिका बोला, उत्तर कोरिया 2020 तक परमाणु हथियारों को खत्म करे

सियोल: अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो का कहना है कि वॉशिंगटन चाहता है कि उत्तर कोरिया 2020 तक परमाणु निरस्त्रीकरण के लक्ष्य को पूरा करे. डोनाल्ड ट्रंप और किम जोंग उन के बीच सिंगापुर में हुई बैठक के बाद बुधवार (13 जून) को यह बयान आया. उत्तर कोरिया ने बयान में कोरियाई प्रायद्वीप के पूर्ण निरस्त्रीकरण की दिशा में काम करने पर सहमति जताई, लेकिन इस दस्तावेज में यह स्पष्ट नहीं था कि प्योंगयांग कब और कैसे ऐसा करेगा. पोम्पियो ने दक्षिण कोरिया के दौरे पर कहा था कि उत्तर कोरिया के साथ अभी एक बड़ा समझौता होना बाकी है. उन्होंने कहा, "बड़े पैमाने पर निरस्त्रीकरण. हमें उम्मीद है कि इस लक्ष्य को ढाई साल में हासिल किया जा सकता है."

अमरीकी विदेश मंत्री का यह बयान सिंगापुर में ट्रंप और उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन की मुलाकात के एक दिन बाद आया है. सिंगापुर में दोनों नेताओं (डोनाल्ड ट्रंप, किम जोंग उन) के बीच कोरियाई प्रायद्वीय को पूरी तरह से परमाणु हथियारों से मुक्त करने की दिशा में बढ़ने पर सहमति बनी थी, लेकिन इस समझौते में इस बात का ब्योरा नहीं दिया गया है कि उत्तर कोरिया कब और कैसे अपने हथियार छोड़ेगा, यही वजह है कि इस समझौते की आलोचना भी हो रही है.

वहीं दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार (13 जून) को घोषणा की कि किम जोंग उन के साथ ऐतिहासिक शिखर सम्मेलन के बाद उत्तर कोरिया अब अमेरिका के लिए कोई परमाणु खतरा नहीं है. ट्रम्प ने वापस वॉशिंगटन पहुंचते ही ट्वीट किया, ‘‘अभी-अभी पहुंचा हूं, लेकिन मेरे कार्यभार संभालने के दिन के मुकाबले अब हर कोई अधिक सुरक्षित महसूस कर रहा है.’’

उन्होंने यह भी कहा कि किम के साथ मुलाकात रोचक थी और यह अत्यंत सकारात्मक अनुभव था. भविष्य के लिए उत्तर कोरिया के पास काफी संभावना है. ट्रम्प ने एक अन्य ट्वीट में कहा कि अमेरिका के लिए उत्तर कोरिया अब कोई परमाणु खतरा नहीं है. अमेरिकियों और शेष दुनिया को ‘‘आज रात चैन की नींद सोना चाहिए.’’

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Tuesday, 12 June 2018

Congress blames MP CM Shivraj Singh Chouhan for Bhayyuji Maharaj's suicide, demands CBI probe

The Madhya Pradesh unit of Congress party has demanded a probe by the Central Bureau of Investigation (CBI) in the death of self-styled godman and spiritual leader Bhayyuji Maharaj. The spiritual leader, who was recently offered MoS position by Madhya Pradesh Chief Minister Shivraj Singh Chouhan, allegedly committed suicide at his residence in Indore on Tuesday.

The Congress party has alleged that Bhayyuji Maharaj was under pressure because of Madhya Pradesh government and Chief Minister Shivraj Singh Chouhan. The opposition party claimed that Chouhan had been forcing him to become a minister in his government and work for the Bharatiya Janata Party (BJP). According to them, Bhayyuji Maharaj had refused to take facilities provided by the state government and refused to become a minister.

When the post of Minister of State was offered to him by the Chouhan government in April, Bhayyuji Maharaj had refused to accept it saying “a post holds no importance for a saint”.

Born as Uday Singh Deshmukh, Bhayyuji Maharaj enjoyed a large following among politicians and film stars. Among those who used to pay obeisance to him were Maharashtra Chief Minister Devendra Fadnavis and former President Pratibha Patil. Bhayyuji was a popular name in Uttar Pradesh as well.

Bhayyuji attracted national attention in August 2011 when anti-corruption crusader Anna Hazare was on indefinite hunger strike for Lokpal bill. When Anna was not ready to discuss it with the Union government, late Vilasrao Deshmukh brought Bhayyuji to hold parleys with Anna.

He had also coordinated with the then law minister Salman Khurshid and Delhi MP Sandeep Dikshit and prepared the draft of the Lokpal bill, which was acceptable to both the parties.

Prior to following the path of spiritualism, Bhayyuji Maharaj had tried his hands in modelling.

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Monday, 11 June 2018

राहुल गांधी आज ठाणे की अदालत में होंगे पेश, आरएसएस पर की थी टिप्‍पणी

मुंबई : कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक कार्यकर्ता द्वारा उनके खिलाफ दायर मानहानि के एक मुकदमे में आज (मंगलवार को) ठाणे जिले की एक अदालत के समक्ष पेश होंगे. पेशी के लिए राहुल गांधी महाराष्ट्र के दो दिवसीय दौरे पर मंगलावर सुबह मुंबई पहुंचे. राहुल सुबह 11 बजे ठाणे में भिवंडी की एक अदालत में पेश होंगे. उनके पेश होने के कारण सुरक्षा के मद्देजनर अदालत और आसपास के क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा रखी गई है.

अदालत ने वर्ष 2014 में आरएसएस कार्यकर्ता राजेश कुंते द्वारा दायर मानहानि के एक मामले में बयान दर्ज कराने के लिए राहुल को अदालत में पेश होने का दो मई को आदेश दिया था. कुंते ने एक चुनावी रैली में राहुल गांधी का भाषण देखने के बाद मुकदमा दायर किया था. अपने भाषण में राहुल ने कहा था कि महात्मा गांधी की हत्या के पीछे आरएसएस का हाथ था.

महाराष्ट्र के दो दिन के दौरे में राहुल बृहन्मुंबई महानगरपालिका में पार्टी कार्यकर्ताओं और पार्षदों को भी संबोधित कर सकते हैं. बुधवार को दिल्ली लौटने से पहले उनका विदर्भ के चन्द्रपुर में चावल की खेती में क्रांति लाने वाले दादाजी खोबरागडे के परिजन से मुलाकात करने का कार्यक्रम है. लंबी बीमारी के बाद 78 वर्षीय खोबरागडे का इस महीने निधन हो गया था.

मीडिया में राहुल के राकांपा प्रमुख शरद पवार से मुलाकात करने की खबरें आ रही है, लेकिन उनके कार्यक्रम में ऐसी किसी बैठक का जिक्र नहीं है. कांग्रेस नेता ने कहा, 'दोनों दलों के शीर्ष नेता किसी भी समय मुलाकात कर सकते हैं, लेकिन ऐसी कोई बैठक आज एजेंडे में नहीं है'. उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी आज सुबह अदालत में पेश होंगे, दोपहर को पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे तथा कांग्रेस पार्षदों से बातचीत करेंगे'.

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G7 पर ट्रंप के ट्वीट से भड़का जर्मनी, कहा- यूरोप को अपना भाग्य अपने हाथ में लेना पड़ेगा

फ्रैंकफर्ट एम मेन: जर्मनी की चांसलर एंजेला मार्केल ने सोमवार (11 जून) को कहा कि जी7 सम्मेलन में शामिल अन्य देश के नेताओं की ओर से जारी संयुक्त आधिकारिक बयान को समर्थन नहीं देने का अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ट्वीट ‘निराशाजनक’ है और इस पर गंभीरता से सोचे जाने की जरूरत है.

मर्केल ने एआरडी टीवी को दिए साक्षात्कार में कहा, 'हमने प्रमुख मुद्दों पर गंभीरता से बात की. हमारे बीच सहमति बनी और फिर राष्ट्रपति ट्रंप ने जिस तरह से एक ट्वीट के जरिए अपना सहयोग वापस ले लिया, वह बेहद निराशाजनक रहा.' मर्केल ने कहा कि यूरोप को अपना भाग्य अपने हाथ में लेना पड़ेगा. उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के साथ शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति क्यूबेक से जल्दी रवाना हो गए थे. क्यूबेक में जी7 का शिखर सम्मेलन हो रहा था.

इससे पहले जर्मनी के विदेश मंत्री मेको मास ने रविवार (10 जून) को कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जी- 7 सम्मेलन के बाद एक संयुक्त बयान से पीछे हट कर यूरोप के साथ विश्वसनीय संबंध को तार-तार कर दिया. मास ने कहा कि आप महज एक ट्वीट कर बहुत तेजी से विश्वास खो देते हैं. गौरतलब है कि ट्रंप ने आमराय वाले एक बयान के शब्दों को खारिज कर दिया था, जिसमें कहा गया था, ‘‘एकजुट यूरोप अमेरिका फर्स्ट का जवाब है. ’’ ट्रंप के इस कदम की रविवार(10 जून) को जर्मनी के राजनीतिक गलियारों में व्यापक निंदा की गई.

वहीं दूसरी ओर, वॉशिंगटन से प्राप्त खबर के मुताबिक व्हाइट हाउस के आर्थिक सलाहकार लैरी कुदलोव ने रविवार (10 जून) को कहा कि कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूदो ने जी - 7 सम्मेलन में हमारी पीठ में छुरा घोंपा. कुदलोव ने कहा कि अमेरिका को जस्टिन द्वारा संवाददाता सम्मेलन में दिए बयान पर ऐतराज है. उन्होंने कहा कि हम सद्भावना के साथ बयान में शामिल हुए थे. हालांकि, इसके बाद ट्रंप ने ट्वीट किया कि उन्होंने अमेरिकी प्रतिनिधियों को बयान को मंजूरी नहीं देने का निर्देश दिया है.

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Friday, 8 June 2018

गोरखपुर जेल से यूक्रेन की मॉडल डारिया हुई रिहा, फर्जी पासपोर्ट पर पहुंची थी भारत

गोरखपुर : फर्जी पासपोर्ट के जरिये नेपाल के रास्‍ते दिल्‍ली पहुंची यूक्रेन की मॉडल डारिया मोलचन शुक्रवार (8 जून) को गोरखपुर जेल से रिहा हो गईं. उन्‍हें गोरखपुर से ही पुलिस की निगरानी में दिल्‍ली स्थित यूक्रेन के दूतावास भेज दिया गया. डारिया मोलचन को गोरखपुर से जमानत पर ले जाने के लिए कोलकाता से दो व्‍यापारी चंदारी रावत और आदर्श गुरुवार (7 जून) को ही चार्टर प्‍लेन गोरखपुर पहुंच गए थे. पहले दोनों व्‍यापारी डारिया को चार्टर प्‍लेन से ही कोलकाता ले जाने की योजना बनाए हुए थे. लेकिन बाद में पुलिस ने अपनी निगरानी में डारिया को दिल्‍ली भेज दिया. वहां उन्‍हें यूक्रेन के दूतावास के लिए भेजा जाएगा.

बता दें कि दो अप्रैल को एसटीएफ ने डारिया मोलचन को पकड़ा था. यूक्रेन की मॉडल डारिया मोलचन के कई पुलिस अधिकारियों और व्‍यवसायियों से संबंध होने की बात भी सामने आई थी. माना जा रहा था कि डारिया का प्रयोग हनी ट्रैप में किया जा रहा था. यूक्रेन की मॉडल डारिया की जमानत हाईकोर्ट से मिलने के बाद सबसे पहले गोरखपुर के बड़हलगंज के दो जमानतकर्ताओं ने जमानत ली. फिर उन्‍होंने दो दिन बाद जमानत लेने से इंकार कर दिया था. इसके बाद कानपुर के दो व्यापारियों ने जमानतदार बनने की पेशकश की थी. हालांकि दो दिनों की जांच के बाद उन दोनों ने भी जमानत लेने से इंकार कर दिया था. इसके बाद डारिया की जमानत लेने के लिए कोलकाता के दो व्यापारी सामने आए. दोनों व्यापारी कोलकाता से प्राइवेट प्‍लेन से 5 दिन पहले गोरखपुर आए थे. इस दौरान उन्‍होंने अपने कागज जमा किए थे और वापस चले गए थे.

कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद 7 जून को दोनों व्‍यापारी एक बार फिर वह अपने प्राइवेट प्‍लेन से गोरखपुर आए. दोनों ने डारिया की जमानत ली और शुक्रवार को 01:30 बजे के करीब डारिया को गोरखपुर जेल से रिहा किया गया. यूक्रेन निवासी डारिया मोलचन को एसटीएफ ने दो अप्रैल को पार्क रोड से गिरफ्तार किया था. डारिया के पास से दो पासपोर्ट, मरिना अमन मेहता के नाम से बना फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस, दो मोबाइल व टैबलेट बरामद हुए थे. मोबाइल चेक करने पर उसमें दिल्ली के रहने वाले एक पुलिस अधिकारी की आपत्तिजनक तस्वीर मिली थी. जिसे जांच के लिए दिल्ली के फॉरेंसिक लैब भेजा गया था. एसटीएफ इंस्पेक्टर सत्यप्रकाश की तहरीर पर कैंट पुलिस ने डारिया मोलचन के खिलाफ फर्जी दस्तावेज तैयार कर जालसाजी करने और विदेशी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया था. 12 अप्रैल को जिला जज ने उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी थी. जिसके खिलाफ उसके वकील ने हाईकोर्ट में अपील कर वहां से जमानत हासिल की थी.

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Thursday, 7 June 2018

हम मां ने मासूम को चौखट पर लटकाकर पीटा

नई दिल्ली/मथुरा: मथुरा से एक दर्दनाक घटना सामने आई है. जहां एक मासूम बच्ची को पीटने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. जहां एक महिला ने बच्ची के हाथ बांधकर चौखट पर लटकाया और फिर मासूम को बेरहमी से पीटा. बताया जा रहा है कि पीटने वाली महिला उस बच्ची की मां है. हालांकि, ज़ी मीडिया इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है. मामला मथुरा के गोवर्धन थानाक्षेत्र के मुखराई गांव का बताया जा रहा है. वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस ने भी कार्रवाई शुरू कर दी है.

बच्ची के बाहर जाने से नाखुश थी मां
बच्ची की उम्र करीब पांच साल है. जानकारी के मुताबिक, बच्ची घर से बाहर खेलने निकल गई थी. इसी बात से नाराज उसकी मां ने उसके हाथ बांधकर पीटना शुरू कर दिया. बच्ची की रोने की आवाज सुनकर पड़ोसी आए और उन्होंने बच्ची को नीचे उतारा और उसके हाथ खोले.

बात नहीं मानने पर आया गुस्सा
जानकारी के मुताबिक, मामला मथुरा के गोवर्धन थानाक्षेत्र के मुखराई गांव का बताया जा रहा है.  जहां 5 साल की एक मासूम हर रोज सड़क पर खेलने के लिए निकल जाती थी. बच्‍ची की मां उसे बाहर सड़क कर न खेलने के लिए बोलती थी, लेकिन बच्ची हर रोज अपनी मां की अनसुना कर देती थी. बच्ची को सबक सिखाने के लिए बच्ची की मां ने उसे दरवाजे पर लटका कर छड़ी से पिटाई करना शुरु कर दिया.

पड़ोसियों ने बच्ची को उतारा
जानकारी के मुताबिक, बच्ची के रोने और चिल्लाने की आवाज सुनकर पड़ोसी आए और उन्होंने इसका विरोध किया, जिसके बाद मां ने बच्‍ची को मारना बंद नहीं किया. इसके बाद उन्होंने बच्ची को नीचे उतारा और उसके हाथ खोले.

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Tuesday, 5 June 2018

NEET रिजल्ट: फेल होने पर छात्रा ने दी जान, छत से कूदकर छात्र ने किया सुसाइड

नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने नीट (NEET) के रिजल्ट जारी होने के बाद सुसाइड की घटनाएं सामने आई हैं. NEET में फेल होने पर तमिलनाडु के तिरुमलाई की छात्रा ने सुसाइड कर लिया. वहीं दिल्ली के द्वारका इलाके में एक छात्र ने छत से कूदकर जान दे दी. तिरुमलाई की 17 वर्षीय छात्रा NEET में पास होने की उम्मीदें लगाए हुई थी. परिजनों का कहना है कि फेल होने पर वह डिप्रेशन में चली गई और अपनी जान दे दी. पुलिस ने छात्रा के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.

द्वारका में आठवीं मंजिल से कूदा छात्र
NEET के 19 साल के छात्र ने द्वारका के सेक्टर 12 की एक इमारत की आठवीं मंजिल से कूदकर कथित खुदकुशी कर ली. उसने यह कदम इस प्रवेश परीक्षा के नतीजे की घोषणा के बाद उठाया. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि पुलिस को शाम करीब सवा पांच बजे द्वारका के सेक्टर 12 की सनी वैली सीजीएचएस सोसायटी में खुदकुशी की खबर मिली.

अधिकारी ने कहा कि प्रणव मेहंदीरत्ता इमारत से कूद गया. उसका शव जमीन पर खून में लतपथ मिला. उन्होंने कहा, ‘आगे की जांच में खुलासा हुआ कि मृतक 2016 में बारहवीं कक्षा पास करने के बाद बीते दो साल से नीट परीक्षा दे रहा था. आज दिन में नीट का नतीजा घोषित हुआ और वह परीक्षा में पास नहीं हो पाया.’

मालूम हो कि देश भर में चिकित्सा और दंत चिकित्सा कॉलेजों में दाखिले के लिए यह प्रवेश परीक्षा होती है. यह नतीजे आधिकारिक वेबसाइट cbseneet.nic.in और cbseresults.nic.in. पर उपलब्ध है. कुल 13,26, 725 अभ्यार्थियों ने छह मई को आयोजित राष्ट्रीय योग्यता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) दी थी.

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Monday, 4 June 2018

बिहार: 2014 में केवल 2 जगह जीतने वाले नीतीश कुमार BJP से क्‍यों मांग रहे हैं 25 सीट?

बिहार में सत्‍तारूढ़ जनता दल यूनाइटेड(जदयू)-बीजेपी के बीच सब कुछ ठीक-ठाक नहीं चलने की अटकलों के बीच नीतीश कुमार की पार्टी ने 2019 के लिहाज से बड़ा दांव चल दिया है. रविवार को मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार की जदयू के वरिष्‍ठ नेताओं की बैठक के बाद प्रवक्‍ता अजय आलोक ने कहा कि अगले लोकसभा में उनकी पार्टी बिहार में 25 सीटों और बीजेपी 15 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. इसके साथ ही पार्टी ने स्‍पष्‍ट किया कि नीतीश कुमार ही बिहार में एनडीए का चेहरा होंगे और जिस तरह दिल्‍ली में बीजेपी 'बड़े भाई' की भूमिका में है, उसी तरह बिहार में जदयू की भूमिका होगी.

2014 में NDA को मिली थी 31 सीटें
यहीं से बड़ा सवाल उठ रहा है कि आम चुनावों के लिहाज से क्‍या बीजेपी के साथ नीतीश कुमार की 'डील' हो गई है? लेकिन बीजेपी की रहस्‍यमयी 'चुप्‍पी' कुछ और ही इशारा करती है. दरअसल 2014 के लोकसभा चुनावों में बिहार की 40 लोकसभा सीटों में से बीजेपी ने अकेले 22 सीटें जीती थीं. उसकी सहयोगी रामविलास पासवान की लोजपा ने छह और उपेंद्र कुशवाहा की रालोसपा ने 3 सीटें जीती थीं. इस तरह एनडीए को कुल 31 सीटें मिली थीं.

वहीं जदयू को केवल दो, राजद को चार, कांग्रेस को दो और राकांपा को एक सीट मिली थी. पिछली बार इन सभी दलों ने अलग-अलग चुनाव लड़ा था. उस वक्‍त नीतीश कुमार एनडीए से अलग हो चुके थे. 2015 में एनडीए कैंप में वापसी के बाद बिहार में नीतीश कुमार को क्‍या 25 सीटें देने पर बीजेपी राजी हो जाएगी? इस वक्‍त यही सबसे बड़ा सवाल है. ऐसा इसलिए क्‍योंकि फिर लोजपा और रालोसपा का क्‍या होगा? क्‍या बीजेपी अपने खाते से उनको सीटें देगी? फिर बीजेपी के लिए क्‍या बचेगा?

पासवान फैक्‍टर
इसके साथ ही जदयू ने स्‍पष्‍ट किया है कि वह बिहार के लिए केंद्र से विशेष राज्‍य के दर्जे की मांग को और तेजी से उठाएगी. यह नीतीश कुमार की सोई हुई मांग है जिसको चुनाव से ऐन पहले फिर से जिंदा किया जा रहा है. आंध्र प्रदेश के मुख्‍यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू द्वारा इस मुद्दे पर एनडीए से अलग होने के बाद बिहार में इस मुद्दे ने फिर से तूल पकड़ना शुरू कर दिया है. आश्‍चर्यजनक रूप से केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने भी जदयू की इस मांग का समर्थन किया है. इसके पीछे भी सियासी जानकारों का मानना है कि इसके माध्‍यम से क्‍या रामविलास पासवान चुनावों में अपने लिए सीट-शेयरिंग में कोई रास्‍ता निकालने की कोशिशों में हैं?

Source:-ZEENEWS

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Friday, 1 June 2018

निपाह वायरस का आतंक कायम, इस जानलेवा रोग से बचने के लिए अपनाएं 7 आसान तरीके

नई दिल्ली: 1998 में मलेशिया के कैम्पंग सुंगई निपाह नाम की जगह से शुरू हुआ निपाह वायरस (Nipah Virus) 10 साल बाद भारत में फिर आ गया है. 2001 और 2007 में यह वायरस पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में भी सामने आया था. अब यह केरल शहर में फैल रहा है. निपाह वायरस जानवर और इंसान दोनों के लिए जानलेवा है. इसकी चपेट में आकर अभी तक 13 से ज्यादा लोगों की मौत और लगभग 40 लोग प्रभावित हो चुके हैं. लोगों के दिमाग को नुकसान पहुंचाने वाले निपाह वायरस से कुछ सरल उपाय अपनाकर बचा जा सकता है. निपाह वायरस स्वाभाविक रूप से कशेरुकी (vertebrate) जानवरों से मनुष्यों तक फैलती है.

हार्ट केयर फाउंडेशन (एचसीएफआई) के अध्यक्ष डॉ. के.के. अग्रवाल ने निपाह वायरस के बारे में यह खास जानकारी दी है :
1. निपाह वायरस के संक्रमण के लक्षणों की शुरुआत एन्सेफेलेटिक सिंड्रोम से होती है, जिसमें बुखार, सिरदर्द, म्यालगिया की अचानक शुरुआत, उल्टी, सूजन, विचलित होना और मानसिक भ्रम शामिल हैं. संक्रमित व्यक्ति 24 से 48 घंटों के भीतर कॉमेटोज हो सकता है.


2. निपाह एन्सेफेलाइटिस की मृत्यु दर 9 से 75 प्रतिशत तक है. निपाह वायरस संक्रमण के लिए कोई प्रभावी उपचार नहीं है. उपचार का मुख्य आधार बुखार और तंत्रिका संबंधी लक्षणों के प्रबंधन पर केंद्रित है. संक्रमण नियंत्रण उपाय महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि व्यक्तिगत रूप से ट्रांसमिशन हो सकता है. गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति को गहन देखभाल की आवश्यकता है.

निपाह वायरस के बचने के आसान उपाय


1. सुनिश्चित करें कि आप जो खाना खाते हैं वह चमगादड़ या उनके मल से दूषित नहीं है.
2. चमगादड़ के कुतरे फलों को खाने से बचें, पाम के पेड़ के पास खुले कंटेनर में बनी पीने वाली शराब पीने से बचें, बीमारी से पीड़ित किसी भी व्यक्ति से संपर्क में आने से बचें.
3. अपने हाथों को अच्छी तरह से स्वच्छ करें और धोएं, आमतौर पर शौचालय के बाल्टी और मग.
4. रोगी के लिए उपयोग किए जाने वाले कपड़े, बर्तन और सामान को अलग से साफ करें.
5. निपाह बुखार के बाद मरने वाले किसी भी व्यक्ति के मृत शरीर को ले जाते समय चेहरे को कवर करना जरूरी है.
6. मृत व्यक्ति को गले लगाने या चुंबन करने से बचें.
7. निपाह वायरस से प्रभावित क्षेत्रों में यात्रा ना करें और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क से दूर रहें. (इनपुट - आईएएनएस)

Source:-NDTV

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पेशावर के आर्मी स्कूल का हमलावर फजलुल्ला मारा गया, 50 लाख डॉलर का था इनाम

वाशिंगटन : अफगानिस्तान के पूर्वी कुनार प्रांत में अमेरिका के ड्रोन विमान हमले में पाकिस्तानी तालिबान का प्रमुख मौलाना फजलुल्ला मारा गया है....